मिलिए, यूपी के होनहारों से जिन्होंने सिविल सर्विसेज में रचा इतिहास
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी-जौनपुर-इलाहाबाद-गाजीपुर-मुरादाबाद-मेरठ-प्रतापगढ़-कानपुर-गोरखपुर-अलीगढ़-आगरा
Updated 03:07 बुधवार, 11 मई 2016
काशी की बिटिया आर्तिका शुक्ला ने देश भर में चौथा रैंक हासिल किया
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा के मंगलवार को आए परिणाम में काशी की बिटिया आर्तिका शुक्ला ने देश भर में चौथा रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। रोहित नगर निवासी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बीके शुक्ला और लीना शुक्ला की बिटिया आर्तिका ने पहले प्रयास में ही बड़ी सफलता हासिल की है। कहा कि जीवन में सपना देखने के साथ उसके अनुरूप परिश्रम बहुत जरूरी होता है। ऐसा करने पर सफलता अवश्य मिलती है। तैयारी के लिए जरूरी नहीं कि कितने घंटे पढ़ाई की जाए लेकिन अहम यह है कि जितनी देर भी पढ़ें, गंभीरता से पढ़ाई की जाए।
नवनीत का सिविल सर्विसेज में चयन
मुरादाबाद के मिलन विहार में रहने वाले नवनीत कुमार कांवत ने सिविल सर्विसेज 2015 में सफलता हासिल की है। उन्हें 933वीं रैंक मिली है। इससे पहले उनका चयन भारतीय इंजीनियरिंग सर्विसेज में हुआ था। मंगलवार को यूपीएससी सिविल सर्विसेज का रिजल्ट जारी हुआ। जिसमें महानगर के नवनीत सिंह राणा का चयन हुआ है। नवनीत ने अपनी शिक्षा केंद्रीय विद्यालय मुरादाबाद और सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) से पूरी की। इसके बाद आईआईटी रुड़की से बीटेक किया। 2015 में ही उन्होंने आईईएस की परीक्षा उत्तीर्ण की और इंडियन रेलवे में कार्यरत हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह मीणा रेलवे में चीफ कंट्रोलर और माता नीलम मीणा प्राथमिक विद्यालय मोरा की मिलक में प्रधानाध्यापिका हैं।
सिविल सर्विस में मेरठी अभिनव को 36वीं रैंक
सिविल सर्विस परीक्षा 2015 में मेरठ की पांच प्रतिभाओं ने परचम लहराया है। आईआरएस की ट्रेनिंग कर रहे अभिनव गोयल ने 36वीं रैंक हासिल कर सिविल सर्विस का सपना पूरा किया। दिगंत आनंद ने नौकरी के साथ अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। 223 रैंक प्राप्त की। अखिल गोयल ने 251 रैंक हासिल कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर से अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। गंगानगर निवासी बीएसएनएल में जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर प्रताप सिंह के बेटे अशोक रतन को 920वीं और इनकम टैक्स ऑफिसर मनीष चौहान को 983वीं रैंक मिली है।
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